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पथरी का इलाज

पथरी (Kidney Stones) एक सामान्य समस्या है, जिसमें गुर्दे में कठोर ठोस पदार्थ बन जाते हैं। पथरी का आकार छोटे से लेकर बड़े तक हो सकता है और यह दर्द, जलन, और पेशाब में रुकावट का कारण बन सकती है। पथरी के इलाज के लिए सबसे पहले पानी का अधिक सेवन करना चाहिए ताकि गुर्दे साफ रहें और पथरी के निकलने में मदद मिले। छोटे आकार की पथरी खुद-ब-खुद निकल सकती है, लेकिन बड़े आकार की पथरी के लिए दवाएं, लिथोट्रिप्सी, या सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। स्वस्थ आहार, विशेष रूप से कैल्शियम, ऑक्सेलेट और सोडियम की उचित मात्रा को नियंत्रित करके भी पथरी की समस्या को रोका जा सकता है।

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पथरी का ऑपरेशन कितने प्रकार के होते हैं?


पथरी का ऑपरेशन विभिन्न प्रकार के होते हैं, जो पथरी के आकार, स्थान और रोगी की स्थिति पर निर्भर करते हैं। प्रमुख प्रकार के ऑपरेशन इस प्रकार हैं:

  • पेशाब की नली (Ureteroscopy) के द्वारा पथरी का उपचार: इस प्रक्रिया में एक पतला ट्यूब (यूरेट्रोस्कोप) मूत्राशय में डाला जाता है, और पथरी को काटकर या तो बाहर निकाला जाता है या उसे छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है।
  • लिथोट्रिप्सी (Extracorporeal Shock Wave Lithotripsy - ESWL): इस प्रक्रिया में ध्वनि तरंगों का उपयोग करके पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है, ताकि वह आसानी से पेशाब के रास्ते बाहर निकल सके।
  • पैरी-नेफ्रिक पथरी सर्जरी (Percutaneous Nephrolithotomy - PCNL): यह प्रक्रिया तब की जाती है जब पथरी बड़ी हो या गुर्दे के अंदर गहरी हो। इसमें एक छोटी सी चीरा लगाकर पथरी को निकाला जाता है।
  • खुली सर्जरी (Open Surgery): यह प्रक्रिया तब की जाती है जब अन्य तकनीकें कारगर नहीं होतीं। इसमें पेट में बड़ा चीरा लगाकर पथरी को निकाला जाता है।

किडनी स्टोन (Kidney Stone) की जांच(Test for Kidney Stone)


किडनी स्टोन (Kidney Stone) की जांच के लिए विभिन्न प्रकार की टेस्ट की जाती हैं, जो पथरी की उपस्थिति, आकार, स्थान और प्रकार का निर्धारण करती हैं। प्रमुख टेस्ट इस प्रकार हैं:

    • यूरिन टेस्ट (Urine Test): इस टेस्ट में पेशाब की जांच की जाती है ताकि किडनी स्टोन के संभावित कारणों का पता चल सके, जैसे कि कैल्शियम, ऑक्सेलेट या यूरिक एसिड की अधिकता।
    • ब्लड टेस्ट (Blood Test): रक्त की जांच से किडनी की कार्यक्षमता और शरीर में खनिजों के असंतुलन का पता चलता है, जो पथरी बनने का कारण हो सकते हैं।
    • X-Ray (KUB X-ray): यह एक साधारण एक्स-रे होता है, जिसमें किडनी, यूरीटर और ब्लैडर (KUB) की छवि ली जाती है ताकि पथरी की उपस्थिति और आकार का पता चल सके।
    • अल्ट्रासाउंड: यह गैर-इनवेसिव परीक्षण होता है, जिसमें ध्वनि तरंगों का उपयोग करके किडनी की इमेज बनाई जाती है और पथरी का पता लगाया जाता है। यह अधिक सुरक्षित और बिना दर्द के होता है।
    • सीटी स्कैन (Computed Tomography): यह सबसे सटीक टेस्ट है, जो किडनी स्टोन के आकार, स्थान और प्रकार का पता लगाने में मदद करता है। यह पथरी के छोटे आकार का भी आसानी से पता लगा सकता है।
    • Intravenous Pyelogram (IVP): इस टेस्ट में एक विशेष डाई (contrast dye) शरीर में डाली जाती है और फिर एक्स-रे लिया जाता है। यह पथरी के स्थान और मूत्र मार्ग की स्थिति को दर्शाता है।

किडनी में पथरी के इलाज में क्या होता है?


किडनी में पथरी के इलाज में कई प्रक्रियाएं और उपचार विधियाँ अपनाई जाती हैं, जो पथरी के आकार, स्थान और गंभीरता पर निर्भर करती हैं। सबसे पहले, छोटे आकार की पथरी को बिना सर्जरी के इलाज किया जा सकता है, जिसमें रोगी को अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है ताकि पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल सके। इसके अलावा, दर्द को कम करने के लिए दवाएं दी जाती हैं। यदि पथरी बड़ी या जटिल हो, तो लिथोट्रिप्सी (ESWL) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें ध्वनि तरंगों का उपयोग करके पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है।

कुछ मामलों में, यूरेट्रोस्कोपी या पैरी-नेफ्रिक सर्जरी (PCNL) जैसे तरीके अपनाए जाते हैं, जहां पथरी को शारीरिक रूप से निकाला जाता है। अगर पथरी बहुत बड़ी हो या अन्य तरीकों से नहीं निकाली जा सकती, तो खुली सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। साथ ही, आहार में बदलाव भी किया जाता है, जैसे कि कम सोडियम, कम कैल्शियम और कम ऑक्सेलेट वाले खाद्य पदार्थ, ताकि पथरी की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। इन सभी उपचारों का उद्देश्य पथरी को हटाना और किडनी की कार्यक्षमता को बचाए रखना है।

पथरी के इलाज के ऑपरेशन की तैयारी कैसे करें?


पथरी के इलाज के ऑपरेशन की निम्नलिखित तैयारियां की जाती हैं:

  • डॉक्टर से सलाह लें: ऑपरेशन से पहले अपने डॉक्टर से सभी परीक्षण और कंसल्टेशन लें, ताकि पथरी के आकार, प्रकार और स्थान का सही पता चल सके और उपयुक्त ऑपरेशन विधि तय की जा सके।
  • खून और यूरिन टेस्ट: ऑपरेशन से पहले डॉक्टर खून और यूरिन के टेस्ट कर सकते हैं, ताकि आपके शरीर की सेहत का पूरा आकलन किया जा सके और संक्रमण या अन्य समस्याओं का पता चल सके।
  • नशे की दवाइयाँ और एंटीबायोटिक्स: डॉक्टर आपको संक्रमण से बचने के लिए एंटीबायोटिक्स दे सकते हैं, और ऑपरेशन के दौरान नशा देने के लिए दवाइयों के बारे में जानकारी देंगे।
  • पानी और आहार पर नियंत्रण: ऑपरेशन से 6-8 घंटे पहले आपको खाना-पीना बंद करने की सलाह दी जाती है, ताकि ऑपरेशन के दौरान किसी प्रकार की जटिलता न हो।
  • सुरक्षा उपाय: ऑपरेशन के दिन आपको किसी साथी के साथ अस्पताल जाना चाहिए, क्योंकि ऑपरेशन के बाद आपको आराम की आवश्यकता होगी। ऑपरेशन से पहले डॉक्टर आपको इस बारे में पूरी जानकारी देंगे कि क्या करना है और क्या नहीं करना है।
  • दवाइयों की जानकारी: यदि आप किसी विशेष दवा का सेवन कर रहे हैं, तो डॉक्टर को इसके बारे में बताएं। कुछ दवाएं ऑपरेशन के बाद प्रभाव डाल सकती हैं, और डॉक्टर इसके आधार पर दवाइयों को बदल सकते हैं।
  • मानसिक तैयारी: ऑपरेशन से पहले मानसिक रूप से तैयार रहें और डॉक्टर से किसी भी प्रकार के डर या शंका को स्पष्ट करें। यह प्रक्रिया आपको शांत रहने में मदद करेगी।
  • हॉस्पिटल एडमिशन और टाइमिंग: ऑपरेशन के दिन अस्पताल में एडमिट होने से पहले ऑपरेशन की टाइमिंग और सभी निर्देशों के बारे में जानकारी लें।

किडनी स्टोन के लेजर इलाज (Pathri Ka Ilaj) के क्या फायदे हैं?


किडनी स्टोन के लेजर इलाज (Pathri Ka Ilaj) के कई फायदे होते हैं। इसके प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:

    • कम दर्द और तेज रिकवरी: लेजर सर्जरी में बहुत कम दर्द होता है, और सामान्य सर्जरी के मुकाबले रिकवरी जल्दी होती है। मरीज जल्दी सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं।
    • गैर-इनवेसिव प्रक्रिया: लेजर ट्रीटमेंट में कोई बड़ा चीरा नहीं लगता, इसे एक पतली नली (यूरेट्रोस्कोप) द्वारा किया जाता है, जिससे कम दर्द और कम जोखिम होता है।
    • तत्काल प्रभाव: लेजर सर्जरी द्वारा पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है, जो तुरंत पेशाब के रास्ते बाहर निकल सकती है।
    • सटीकता: लेजर के द्वारा पथरी को सटीक तरीके से तोड़ा जा सकता है, चाहे वह किडनी, मूत्राशय या यूरीटर में हो। यह उच्च तकनीक का उपयोग करता है, जिससे जटिलताओं की संभावना कम होती है।
    • कम संक्रमण का जोखिम: क्योंकि लेजर इलाज में कोई बड़ा चीरा नहीं होता, इस कारण संक्रमण का खतरा कम होता है और रक्तस्राव भी बहुत कम होता है।
    • कम अस्पताल में रहने का समय: लेजर इलाज के बाद अस्पताल में रहने का समय कम होता है, और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में वापस लौट सकते हैं।
    • सभी आकार की पथरी के लिए उपयुक्त: लेजर द्वारा छोटे से लेकर बड़े आकार की पथरी तक का इलाज किया जा सकता है, चाहे वह कैल्शियम ऑक्सेलेट, यूरिक एसिड या सिस्टिन पथरी हो।

क्या होता है यदि किडनी में स्टोन का इलाज (Pathri Ka Ilaj) नहीं होता है?


यदि किडनी में पथरी (स्टोन) का इलाज नहीं किया जाता है, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। किडनी स्टोन का इलाज न होने के परिणामस्वरूप निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

    • अत्यधिक दर्द (Severe Pain): पथरी मूत्र नलिकाओं में फंसी रहती है तो तीव्र कोलिक दर्द हो सकता है, जो किडनी से पेट और पीठ तक फैल सकता है।
    • मूत्र मार्ग में संक्रमण (UTI): पथरी मूत्र प्रवाह को रोकने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बुखार, जलन और गंदा पेशाब हो सकता है।
    • किडनी में क्षति (Kidney Damage): लंबे समय तक इलाज न होने पर पथरी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे किडनी के कार्य में रुकावट आती है।
    • किडनी फेल्योर (Kidney Failure): पथरी का इलाज न होने से किडनी फेल हो सकती है, जिससे डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की आवश्यकता हो सकती है।
    • ब्लड प्रेशर में वृद्धि (Increased Blood Pressure): किडनी में पथरी रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती है, जिससे उच्च रक्तचाप हो सकता है।
    • पथरी का बड़ा होना (Growth of Stone): इलाज न होने पर पथरी का आकार बढ़ सकता है, जिससे इलाज कठिन हो सकता है।
    • पथरी के टूटने और रक्तस्राव (Stone Fragmentation and Bleeding): पथरी टूटने पर मूत्र मार्ग में रक्तस्राव हो सकता है, जिससे रक्त आना और इलाज की आवश्यकता हो सकती है।

किडनी में पथरी के इलाज के बाद रिकवरी


रिकवरी के दौरान निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिए:

    • दर्द और आराम: ऑपरेशन के बाद हल्का दर्द हो सकता है, जिसके लिए डॉक्टर दर्द निवारक दवाएं और आराम की सलाह देते हैं।
    • हाइड्रेशन: पानी पीने से पथरी के टुकड़े बाहर निकलने में मदद मिलती है और शरीर की सफाई होती है।
    • आहार में बदलाव: पथरी के प्रकार के अनुसार डॉक्टर कम सोडियम, ऑक्सेलेट और कैल्शियम वाले आहार की सलाह देते हैं।
    • हल्की शारीरिक गतिविधि: शुरुआत में भारी गतिविधियों से बचें, लेकिन धीरे-धीरे हल्का व्यायाम करें।
    • मूत्र मार्ग की देखभाल: पेशाब में खून आना सामान्य हो सकता है, लेकिन लंबा होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
    • दवाएं और एंटीबायोटिक्स: संक्रमण से बचने के लिए दवाएं समय पर लें।
    • नियमित जांच: ऑपरेशन के बाद डॉक्टर से नियमित जांच और पेशाब परीक्षण करवाएं।
    पथरी के ऑपरेशन के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए

Dr. Gautam Banga

MBBS, MS - General Surgery, MCh, Urologist & Andrologist

  • Urologist & Andrologist
  • 19+ Years Experience

पथरी के ऑपरेशन के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए


पथरी के ऑपरेशन के बाद आराम करने की अवधि मरीज की स्थिति, ऑपरेशन की प्रकार (जैसे लेजर, यूरेट्रोस्कोपी, या खुली सर्जरी) और उसकी सामान्य स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। सामान्यत: निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखा जाता है:

    • लेजर और यूरेट्रोस्कोपी (Laser or Ureteroscopy): यदि पथरी का इलाज लेजर या यूरेट्रोस्कोपी से किया गया हो, तो मरीज को आमतौर पर 1 से 3 दिन तक आराम करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान हल्के दर्द और असुविधा हो सकती है, लेकिन सामान्यत: रिकवरी जल्दी होती है। अधिकांश मरीज 2-3 दिनों के अंदर हल्की गतिविधियां शुरू कर सकते हैं।
    • पैरीनेफ्रिक सर्जरी (PCNL): इस प्रकार की सर्जरी में ज्यादा समय लगता है, और मरीज को 5 से 7 दिन तक आराम करना पड़ सकता है। इस समय आराम करने की आवश्यकता होती है ताकि कोई जटिलता न हो और शरीर पूरी तरह से रिकवर हो सके।
    • खुली सर्जरी (Open Surgery): अगर पथरी बड़ी हो और खुली सर्जरी की आवश्यकता हो, तो मरीज को 10 से 14 दिन तक आराम करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान भारी शारीरिक गतिविधियों से बचना चाहिए और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए।






FAQs

किडनी स्टोन का सबसे अच्छा इलाज पथरी के आकार और प्रकार के अनुसार लेजर, सर्जरी, या दवाओं द्वारा किया जाता है।

किडनी की पथरी को जड़ से खत्म करने के लिए, पथरी को तोड़कर निकालने की विधि अपनाई जाती है जैसे लिथोट्रिप्सी या सर्जरी।

अलोपैथिक दवाएं जैसे पोटैशियम सिट्रेट और थियाजाइड्स किडनी स्टोन को तोड़ने में मदद करती हैं।

किडनी स्टोन से किडनी में दर्द, संक्रमण, मूत्र में रक्त और किडनी की कार्यक्षमता में कमी हो सकती है।

किडनी की पथरी में फल, हरी सब्जियां, और फाइबर युक्त आहार खाना चाहिए, जैसे कि ऐप्पल, पालक, और ब्रोकोली।

आमतौर पर 4-5 एमएम तक की पथरी बिना सर्जरी के पेशाब द्वारा बाहर निकल सकती है।

हाँ, अधिक पानी पीने से छोटे आकार की पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल सकती है।

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Written By: Dr. Nabanita Chatterjee
Education: MBBS, MS - General Surgery
Experience: 31 Years

Dr. Nabanita Chatterjee is a renowned General Surgeon with over 30 years of experience. She is known for her expertise in various surgical procedures, including piles, fissures, fistula, pilonidal sinus, gallstone, and laparoscopic surgeries. With her extensive background and expertise, Dr. Chatterjee is often trusted by patients seeking top-notch surgical care.