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दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर: जानिए क्यों SCI हॉस्पिटल आपकी पहली पसंद होनी चाहिए

दिल्ली में एक भरोसेमंद और उन्नत आईवीएफ सेंटर की तलाश हो तो SCI हॉस्पिटल सबसे सही जगह है। यहाँ न केवल इलाज होता है, बल्कि हर स्टेप पर आपको सपोर्ट और समझदारी भी मिलती है। आईवीएफ यानी इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन एक ऐसी तकनीक है जो उन दंपत्तियों के लिए उम्मीद की किरण बनी है जो बच्चे को लेकर परेशान हैं। SCI हॉस्पिटल आपकी पेरेंटहुड की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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दिल्ली में एक विश्वसनीय आईवीएफ सेंटर की तलाश है? SCI हॉस्पिटल में आपका स्वागत है


माता-पिता बनना एक खूबसूरत सपना होता है। लेकिन जब कुछ मेडिकल वजहों से यह सपना साकार नहीं हो पाता, तो बहुत तकलीफ होती है। आज के आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक ऐसी तकनीक है, जो निःसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान सिद्ध हुई है। यदि आप दिल्ली में एक भरोसेमंद आईवीएफ सेंटर की तलाश कर रहे हैं, तो SCI हॉस्पिटल में आपका स्वागत है। हम यहाँ पर सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि आपको हर कदम पर मार्गदर्शन और भावनात्मक समर्थन प्रदान करते हैं।

हमारा वादा: उन्नत तकनीक, अनुभवी टीम और आपकी पेरेंटहुड की यात्रा में व्यक्तिगत देखभाल

हम जानते हैं कि आईवीएफ का सफर आपके लिए बहुत बड़ा और भावनात्मक होता है। इसलिए हम आपको एक ऐसा वातावरण देने का वादा करते हैं जहाँ आपको आराम और भरोसा महसूस हो। हमारी तकनीक यहाँ विश्व स्तरीय है और डॉक्टरों की टीम बेहद अनुभवी है, जो आपकी पेरेंटहुड की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए पूर्ण प्रयास करती है।

क्यों हजारों निः संतान दंपत्तियों ने हम पर भरोसा किया?

विश्वास समय के साथ कमाया जाता है। SCI हॉस्पिटल ने अपनी विश्वसनीयता वर्षों की मेहनत, सफल परिणामों और गहरे संबंधों से बनाई है। यहां इलाज से ज्यादा उम्मीद, सम्मान और अपनापन मिलता है। यहाँ के सफल इलाज और खुशहाल परिवार हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

एक श्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर चुनने के मानक और SCI हॉस्पिटल उनमें कैसे खरा उतरता है?


जब जीवन में बच्चे की चाहत हो और आईवीएफ जैसे इलाज के लिए सेंटर चुनने का समय आता है, तो कुछ खास मानकों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है। ये मानक न सिर्फ इलाज की सफलता पर असर डालते हैं बल्कि आपकी पूरी यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाते हैं। SCI हॉस्पिटल इन सभी मानकों पर खरा उतरता है और अपने मरीजों को सबसे बेहतर सेवा देने का प्रयास करता है।

अत्याधुनिक लैब और तकनीक: हमारी विश्व स्तरीय एम्ब्रियोलॉजी लैब के बारे में जानें

SCI हॉस्पिटल की लैब में बहुत सी नई तकनीकें इस्तेमाल होती हैं, जैसे ICSI (इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन), PGT (पूर्व जीन परीक्षण), और लेजर असिस्टेड हैचिंग। ये तकनीकें भ्रूण को सुरक्षित माहौल देती हैं और सफलतापूर्वक गर्भधारण के चांस बढ़ाती हैं। लैब में उन्नत मशीनों और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि भ्रूण की गुणवत्ता सबसे अच्छी बनी रहे। इस वजह से SCI हॉस्पिटल की एम्ब्रियोलॉजी लैब को दिल्ली में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।

असाधारण सफलता दर

SCI हॉस्पिटल में आईवीएफ के सफल परिणाम हमारी मेहनत और तकनीक का परिणाम हैं। यहां हर केस को व्यक्तिगत तौर पर समझकर योजना बनाई जाती है जिससे सफलता दर बहुत ऊंची होती है। दिल्ली में SCI हॉस्पिटल की सफलता दर शीर्ष केंद्रों में शामिल है। हमारी टीम लगातार नई तकनीकों को अपनाती है जिससे मरीजों को बेहतर और तेज़ परिणाम मिलते हैं।

पारदर्शी और किफायती खर्च

आईवीएफ जैसी कठिन प्रक्रिया का खर्च कई परिवारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। SCI हॉस्पिटल में आपको पूरी पारदर्शिता मिलती है, जहां कोई छुपा हुआ शुल्क नहीं होता। इलाज के पहले सभी खर्चों की पूरी जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही, अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई पैकेज और ईएमआई विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिससे आर्थिक भार कम किया जा सकता है। हम यह भी समझते हैं कि हर परिवार की बजट अलग होती है, इसलिए हमारी फाइनेंशियल टीम आपके लिए सबसे सही भुगतान योजना बनाती है।

SCI हॉस्पिटल में आईवीएफ उपचार की प्रक्रिया: सरलता और सहयोग के साथ


SCI हॉस्पिटल में आईवीएफ की पूरी प्रक्रिया इस तरह से डिज़ाइन की गई है कि यह आपके लिए आसान, व्यवस्थित और तनावमुक्त रहे। पेरेंटहुड की आपकी इस महत्वपूर्ण यात्रा के हर कदम पर हमारी विशेषज्ञ टीम आपको पूरा सहयोग और समर्थन देती है, ताकि आपका अनुभव सुखद और सफलता से परिपूर्ण हो।

चरण 1: पहली परामर्श और विस्तृत जांच

आपकी पेरेंटहुड की यात्रा विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ पहली विस्तृत मुलाकात से शुरू होती है। इस दौरान, डॉक्टर आपकी और आपके पार्टनर की पूरी मेडिकल हिस्ट्री (चिकित्सा इतिहास) और वर्तमान स्वास्थ्य की गहन जानकारी लेते हैं। इसके बाद, आपकी स्थिति को पूरी तरह से समझने के लिए कुछ आवश्यक जांचें कराई जाती हैं। इनमें शामिल हैं:

खून की जांचें (Blood Tests):

महिला के लिए एएमएच (AMH) हार्मोन, एफएसएच (FSH), एलएच (LH), प्रोलैक्टिन और थायरॉइड हार्मोन जैसे महत्वपूर्ण परीक्षण किए जाते हैं। ये जांचें महिला की अंडाशय क्षमता (ओवेरियन रिजर्व) और हार्मोनल संतुलन की जानकारी देती हैं, जो प्रजनन क्षमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पुरुष के लिए हार्मोन प्रोफाइल और अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांचें की जा सकती हैं।

इमेजिंग जांचें (Imaging Tests):

उच्च-रिज़ॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड से महिला के अंडाशय (ओवरी), गर्भाशय (यूट्रस) और फैलोपियन ट्यूब की विस्तृत जांच की जाती है ताकि किसी भी संरचनात्मक असामान्यता या सिस्ट का पता चल सके। कुछ मामलों में, एचएसजी (हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी) टेस्ट भी किया जा सकता है, जिससे फैलोपियन ट्यूब में किसी भी प्रकार की रुकावट का पता चलता है, हालांकि आईवीएफ में ट्यूब ब्लॉकेज सीधे समस्या नहीं होती, यह प्रजनन क्षमता का समग्र मूल्यांकन करने में सहायक होता है।

वीर्य विश्लेषण (Semen Analysis):

पुरुष पार्टनर के वीर्य के नमूने का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है। इसमें शुक्राणुओं की संख्या (काउंट), उनकी गतिशीलता (मोटिलिटी), आकार (मॉर्फोलॉजी) और एकाग्रता की जांच की जाती है ताकि पुरुष प्रजनन क्षमता का सटीक आकलन किया जा सके।

चरण 2: व्यक्तिगत स्टिमुलेशन प्रोटोकॉल (अंडों के विकास को उत्तेजित करना)

सभी जांच रिपोर्टों के आधार पर, आपके लिए एक व्यक्तिगत और अनुकूलित उपचार योजना (स्टिमुलेशन प्रोटोकॉल) बनाई जाती है। इस चरण का मुख्य उद्देश्य महिला के अंडाशय में सामान्य रूप से एक अंडे की बजाय कई स्वस्थ और परिपक्व अंडे (ओवम) विकसित करना है। इसके लिए, आपको गोनाडोट्रोपिन (जैसे गोनाल-एफ, मेनोपुर) जैसे हार्मोन इंजेक्शन दिए जाते हैं। ये इंजेक्शन आमतौर पर पेट की चमड़ी के नीचे (सबक्यूटेनियस) दिए जाते हैं, और डॉक्टर आपको इन्हें घर पर सुरक्षित रूप से लगाने का तरीका सिखाते हैं। इंजेक्शन की मात्रा और समय आपके शरीर की प्रतिक्रिया और अंडों के विकास के अनुसार डॉक्टर द्वारा बारीकी से निर्धारित किया जाता है ताकि आपको कम से कम परेशानी हो और अधिकतम संख्या में गुणवत्तापूर्ण अंडे मिल सकें। उत्तेजना के दौरान, अंडों के विकास की निगरानी के लिए हर 2-3 दिनों में अल्ट्रासाउंड और रक्त परीक्षण किए जाते हैं।

चरण 3: दर्द रहित एग रिट्रीवल (अंडे निकालना)

जब अल्ट्रासाउंड और रक्त परीक्षण से यह पुष्टि हो जाती है कि अंडे पर्याप्त रूप से परिपक्व हो गए हैं, तो उन्हें एक सुरक्षित और लगभग दर्द रहित प्रक्रिया से निकाला जाता है, जिसे ओवम रिट्रीवल या एग पिकअप कहते हैं। यह प्रक्रिया सामान्यतः 20-30 मिनट में पूरी हो जाती है। इस दौरान, आपको हल्का बेहोशी का इंजेक्शन (माइल्ड सेडेशन) दिया जाता है ताकि प्रक्रिया के दौरान आपको कोई दर्द या असुविधा महसूस न हो। एक पतली सुई को अल्ट्रासाउंड मार्गदर्शन में योनि मार्ग से अंडाशय तक पहुँचाया जाता है और विकसित अंडों को तरल पदार्थ के साथ धीरे से बाहर निकाल लिया जाता है। निकाले गए अंडों को तुरंत अत्याधुनिक एम्ब्रियोलॉजी लैब में भेजा जाता है।

चरण 4: भ्रूण का निर्माण और विकास

अंडे निकालने के बाद, उसी दिन आपके पार्टनर से ताजा शुक्राणु का नमूना लिया जाता है (या पहले से जमे हुए शुक्राणु का उपयोग किया जाता है)। लैब में, अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके इन अंडों और शुक्राणुओं को मिलाया जाता है ताकि निषेचन (फर्टिलाइजेशन) हो सके। पारंपरिक आईवीएफ में अंडों को शुक्राणु के साथ एक पेट्री डिश में रखा जाता है। कुछ मामलों में, जैसे कि कम शुक्राणु संख्या या गुणवत्ता होने पर, ICSI (इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जहाँ एक स्वस्थ शुक्राणु को सीधे अंडे के अंदर इंजेक्ट किया जाता है। निषेचन के बाद, तैयार भ्रूणों को विशेष इनक्यूबेटर (ऊष्मायन उपकरण) में सुरक्षित वातावरण में रखा जाता है ताकि वे विकसित हो सकें। इन भ्रूणों की दैनिक निगरानी की जाती है और उन्हें आमतौर पर 3 से 5 दिनों तक बढ़ने दिया जाता है, जब तक कि वे ब्लास्टोसिस्ट चरण तक नहीं पहुँच जाते।

चरण 5: सुरक्षित भ्रूण स्थानांतरण (Embryo Transfer)

जब भ्रूण तैयार हो जाते हैं और अपनी सबसे अच्छी गुणवत्ता पर होते हैं (आमतौर पर तीसरे या पांचवें दिन), तो सबसे स्वस्थ और मजबूत भ्रूणों को सावधानी के साथ महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया जाता है। यह प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत दर्द रहित होती है और इसके लिए बेहोशी की आवश्यकता नहीं होती। एक बहुत पतली, लचीली कैथेटर (ट्यूब) का उपयोग करके भ्रूणों को गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) के माध्यम से गर्भाशय में धीरे से स्थापित किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को अल्ट्रासाउंड मार्गदर्शन में किया जाता है ताकि भ्रूण को सही जगह पर रखा जा सके। भ्रूण स्थानांतरण के बाद, आपको कुछ समय के लिए आराम करने की सलाह दी जाती है और घर पर भी कुछ विशेष सावधानियां बरतने के निर्देश दिए जाते हैं।

चरण 6: गर्भावस्था की पुष्टि और आगे की देखभाल

भ्रूण स्थानांतरण के लगभग दो सप्ताह बाद, गर्भावस्था की पुष्टि के लिए रक्त परीक्षण (बीटा-एचसीजी टेस्ट) किए जाते हैं। यदि परीक्षण सकारात्मक आता है, तो SCI हॉस्पिटल की टीम आपको गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में पूरी देखभाल, आवश्यक सलाह और जरूरत के हिसाब से चिकित्सा सहायता प्रदान करती है। इस दौरान, नियमित अल्ट्रासाउंड और डॉक्टर के चेकअप महत्वपूर्ण होते हैं। हमारी टीम आपको गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं, जैसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ), के लक्षणों के बारे में भी जागरूक करती है और किसी भी चिंता की स्थिति में तुरंत संपर्क करने की सलाह देती है। आपका भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता रहती है।

SCI हॉस्पिटल, दिल्ली में आईवीएफ का खर्च: पूरी पारदर्शिता, कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं


SCI हॉस्पिटल में आईवीएफ उपचार की पूरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। मरीजों को इलाज की शुरुआत में खर्च का पूरा अनुमान दिया जाता है, जिसमें किसी भी तरह का छिपा हुआ शुल्क नहीं होता। इससे मरीज योजना बना सकते हैं और आर्थिक चिंताओं से मुक्त रह सकते हैं। हमारी टीम हर सवाल का जवाब पूरी तरह से देती है और खर्च को लेकर किसी भी तरह की भ्रांतियों को दूर करती है। इसके साथ ही, मरीजों के लिए विभिन्न पैकेज और आसान ईएमआई (इंस्टॉलमेंट) विकल्प भी उपलब्ध हैं, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के इलाज करवा सकें।

हमारे बेसिक और एडवांस्ड आईवीएफ पैकेजों का विवरण

SCI हॉस्पिटल में आपकी जरूरत और मेडिकल स्थिति के अनुसार अलग-अलग पैकेज डिजाइन किए गए हैं। बेसिक पैकेज में स्टैंडर्ड आईवीएफ प्रक्रिया शामिल होती है, जिसमें सामान्य जाँच, स्टिमुलेशन, एग रिट्रीवल, और भ्रूण स्थानांतरण होते हैं। वहीं एडवांस्ड पैकेज में अधिक तकनीकी उपचार जैसे ICSI (स्पर्म इंजेक्शन द्वारा निषेचन), PGT (पूर्व जीन परीक्षण), और लेजर असिस्टेड हैचिंग शामिल होते हैं, जो खास मुश्किल मामलों में सफलता बढ़ाने के लिए होते हैं। इस तरह मरीज अपनी स्थिति और बजट के अनुसार सही विकल्प चुन सकते हैं।

वे कौन सी चीजें हैं जो कुल लागत को प्रभावित कर सकती हैं

आईवीएफ की कुल लागत कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें शामिल हैं:

  • अतिरिक्त जांचें जैसे ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, हार्मोन टेस्ट आदि।
  • उपयोग में लाई गई एडवांस्ड तकनीकों जैसे ICSI या PGT।
  • अगर डोनर एग या स्पर्म की जरूरत पड़ती है तो इसका अलग खर्च।
  • कभी-कभी एक से अधिक आईवीएफ साइकिल की आवश्यकता पड़ती है, जिससे कुल खर्च बढ़ सकता है।

ये सभी फैक्टर्स इलाज की लागत को प्रभावित करते हैं, इसलिए SCI हॉस्पिटल में हर मरीज को उसकी जरूरत के अनुसार खर्च की पूरी जानकारी पहले से दी जाती है।

आसान भुगतान और फाइनेंसिंग के विकल्प

हम प्रमुख बैंकों के साथ मिलकर आसान EMI प्रदान करते हैं और हमारी फाइनेंशियल टीम आपके लिए सबसे अच्छा भुगतान प्लान तैयार करेगी।

अपनी पेरेंटहुड की यात्रा शुरू करने के लिए पहला कदम उठाएं


यदि आप पेरेंटहुड के सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम उठाना चाहते हैं, तो SCI हॉस्पिटल आपके साथ खड़ा है।

आज ही हमारे विशेषज्ञों के साथ एक निःशुल्क परामर्श बुक करें:

अपने सभी संदेह दूर करें और अपने उपचार विकल्पों को विस्तार से समझें। एक प्रारंभिक परामर्श आपकी सही दिशा तय करने में मदद करेगा और आपको आवश्यक जानकारी और आत्मविश्वास प्रदान करेगा।

हमसे संपर्क करें:

  • फोन नंबर: [यहाँ हॉस्पिटल का फोन नंबर डालें]
  • व्हाट्सएप: [यहाँ व्हाट्सएप नंबर डालें]
  • ऑनलाइन अपॉइंटमेंट: [अपॉइंटमेंट के लिए वेबसाइट लिंक डालें]



Dr. Nabanita Chatterjee

MBBS, MS - General Surgery, General Surgeon

  • General Surgeon
  • 30+ Years Experience
Dr. Sumeet Shah

MBBS, MS - General Surgery, DNB - General Surgery, General Surgeon, Laparoscopic Surgeon, Bariatric Surgeon

  • General Surgeon, Laparoscopic Surgeon, Bariatric Surgeon
  • 30+ Years Experience







FAQs

एक आईवीएफ साइकिल में आमतौर पर लगभग 4 से 6 सप्ताह का समय लगता है। इसमें अंडों के विकास को उत्तेजित करने से लेकर भ्रूण स्थानांतरण तक की प्रक्रिया शामिल होती है। हालांकि, यह व्यक्तिगत प्रतिक्रिया और उपचार योजना के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।

आप आसानी से फोन, व्हाट्सएप या हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। हमारी टीम आपको जल्द से जल्द परामर्श का समय निर्धारित करने में सहायता करेगी।

आईवीएफ की सफलता दर कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे महिला की उम्र, बांझपन का कारण, इस्तेमाल की गई विशिष्ट तकनीकें और भ्रूण की गुणवत्ता। सामान्य तौर पर, युवा महिलाओं में सफलता दर अधिक होती है। हमारा केंद्र व्यक्तिगत कारकों के आधार पर आपको आपकी विशिष्ट सफलता दर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेगा।

आईवीएफ प्रक्रिया के कुछ चरणों में हल्की असुविधा हो सकती है, लेकिन यह आमतौर पर दर्दनाक नहीं होता। अंडे निकालने की प्रक्रिया बेहोशी के इंजेक्शन (सेडेशन) के तहत की जाती है, जिससे आपको कोई दर्द महसूस नहीं होता। भ्रूण स्थानांतरण एक त्वरित और लगभग दर्द रहित प्रक्रिया है। हमारी टीम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करती है कि आप सहज महसूस करें।

आईवीएफ एक सुरक्षित प्रक्रिया मानी जाती है, फिर भी इसमें कुछ संभावित जोखिम और दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे ओवेरियन हाइपरस्टिमुलेशन सिंड्रोम (OHSS), हल्की पेट में ऐंठन या ब्लोटिंग, इंजेक्शन की जगह पर हल्का दर्द या चोट, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ) और जुड़वां या मल्टीपल प्रेग्नेंसी का जोखिम। हमारे विशेषज्ञ चिकित्सक हर चरण में इन जोखिमों को सरल भाषा में समझाते हैं, इन्हें कम करने के लिए सही डोज़िंग, मॉनिटरिंग, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट के जरिए सावधानियां लेते हैं, और किसी भी असामान्य लक्षण—तेज़ पेट दर्द, तेज़ सूजन, सांस फूलना, चक्कर, या असामान्य रक्तस्राव—की स्थिति में तुरंत संपर्क करने की सलाह देते हैं।

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doctor
Written By: डॉ. शिवानी सचदेव गॉर
Education: MBBS, MD, DNB - Obstetrics & Gynecology
Experience: 26 Years

डॉ. शिवानी सचदेव गौर एक प्रतिष्ठित स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं, जिनका करियर 26 वर्षों से भी अधिक समय से प्रजनन चिकित्सा में समर्पित है। उन्होंने बांझपन के इलाज में अपनी अद्वितीय विशेषज्ञता और व्यक्तिगत देखभाल के लिए पहचान बनाई है। डॉ. गौर का विश्वास है कि हर मरीज अलग है और उसके व्यक्तिगत अनुभव एवं चिंताएं समझना ज़रूरी है। वे अपने मरीजों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनती हैं और पूरी संवेदनशीलता व मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उनका दृष्टिकोण ज्ञान और विश्वास के साथ मरीजों को सशक्त बनाना है, ताकि वे अपनी प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी सभी निर्णय जानकारी और आत्मविश्वास के साथ ले सकें।

Our Patients Love Us

Excellent

Based on 2K reviews
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सुमित और प्रिया शर्मा
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SCI हॉस्पिटल में हमारे आईवीएफ अनुभव ने हमें उम्मीद दी। पूरी प्रक्रिया बहुत ही पारदर्शी और सहज थी। डॉक्टरों की टीम हमेशा मार्गदर्शन और मानसिक समर्थन देती रही, जिसकी वजह से हमारा परिवार पूरा हो पाया। हम SCI हॉस्पिटल के आभारी हैं!
रेखा गुप्ता
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मेरे लिए फर्टिलिटी का सफर बहुत चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन SCI हॉस्पिटल की लैब टेक्नोलॉजी और अनुभवी टीम ने मेरी गर्भधारण यात्रा बेहद सरल बना दी। यहां हर कदम पर सहयोग मिला और खर्च पूरी तरह किफायती रहा। मैं सभी को यहां परामर्श लेने की सलाह देती हूँ।
मनोज वर्मा
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जोड़ी के रूप में हमने कई जगह कोशिश की थी, पर सफलता नहीं मिली। SCI हॉस्पिटल में डॉक्टरों की विशेषज्ञता और मरीजों के लिए भावनात्मक समर्थन ने हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया। आज हमारा बच्चा हमारे साथ है—यह सब SCI की टीम के समर्थन और प्रयासों का परिणाम है।